Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana MP | कृषक सहकारी ऋण मित्र योजना

Madhya Pradesh government has launched Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana/कृषक सहकारी ऋण मित्र योजना | The farmers who repay the loan on time will be awarded by the state government from the district to the state level. समय पर कर्ज चुकाने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार अब जिले से लेकर राज्य स्तर पर किसानों को सम्मान करेगी।

MP government Krishak Sahakari Rin Mitra Scheme is a Loan Repayment Scheme to encourage the farmers who pay back the agriculture / crop loans on time. इसमें लगातार तीन साल या पांच साल कर्ज चुकाने वाले किसानों का साफा बांधकर, प्रशस्ति पत्र देकर और सहकारी समिति के सूचना पटल पर नाम दर्ज कर सम्मान किया जाएगा।

Rin Mitra Yojana MP

MP Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana :

Under Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana, the farmers who are regularly repaying their loan on time for the past three years or five years will get respect by placing a cave and giving a citation along with their name to be registered on the information board of the co-operative society.

समय पर कर्ज चुकाने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार अब जिले से लेकर राज्य स्तर पर किसानों को सम्मान करेगी। इसके लिए कृषक सहकारी ऋण मित्र योजना लागू होगी। इसमें लगातार तीन साल या पांच साल कर्ज चुकाने वाले किसानों का साफा बांधकर, प्रशस्ति पत्र देकर और सहकारी समिति के सूचना पटल पर नाम दर्ज कर सम्मान किया जाएगा।

The cooperative department has announced two new schemes on the Occasion of the 64th All India Co-operative Week. The name of the schemes are “Cooperative to Antyodaya” or Sahakarita Se Antyodayao Yojana and “Farmer cooperative Loan Friends Scheme” or Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana. The implementation of these schemes will soon start across the state.

Benefits of MP Krishak Sahakari Rin Mitra Yojana:

  • समय पर कर्ज चुकाने किसानों को प्रोत्साहित करना |
  • समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों का साफा बांधकर, प्रशस्ति पत्र देकर और सहकारी समिति के सूचना पटल पर नाम दर्ज कर सम्मान किया जाएगा।
  • भविष्य में समय पर क़र्ज़ चुकाने वालों को आसानी से कर्ज़ उपलब्ध करवाया जायेगा

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बिना ब्याज का कर्ज देने के बावजूद कई किसान समय पर इसकी अदायगी नहीं करते हैं। दतिया जैसे जिला बैंकों की वसूली 15 फीसदी से भी कम है। इस तरह के चार-पांच जिला बैंक हैं। वसूली कम होने का असर बैंकों के कारोबार पर भी पड़ता है। इसे देखते हुए सरकार ने किसानों को समय पर कर्ज लौटाने प्रोत्साहित करने नियमित कर्ज अदायगी वाले किसानों को सम्मानित करने की योजना बनाई है।

तय किया गया है कि तीन साल जो किसान लगातार कर्ज अदायगी करेंगे, उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह पांच साल लगातार कर्ज चुकाने वाले किसानों का राज्य स्तर पर सम्मान किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए मौके पैदा करने के लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए प्राथमिक समितियां बनाई जाएंगी। इन्हें काम करने के लिए कर्ज दिलाने जिला स्तरीय समिति बनाकर महासंघ से जोड़ा जाएगा।

The business of the banks is in difficulties due to low percentage of loan recovery. Therefore, the government has planned to give the respect the farmers who are regularly paying off the debt and encourage more farmers to repay their loans on time.

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