National Health Policy 2017

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केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लागू कर दी है। इस नीति के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में दवा और जांच की मुफ्त व्यवस्था होगी।
स्वास्थ्य नीति के तहत सरकार को ट्रिब्यूनल गठित करने का अधिकार होगा, जहां इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं से असंतुष्ट मरीज की शिकायतों का निपटारा होगा।प्रति एक हजार लोगों पर अस्पतालों में दो बिस्तरों का इंतजाम होगा। सरकार सभी के लिए इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड रखने की भी व्यवस्था बनाएगी।
नई नीति के तहत सरकार ने जीडीपी का 2.5 फीसदी स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने का फैसला किया है। साथ ही योग को स्कूलों और कार्यस्थलों पर और व्यापक तौर पर पहुंचाया जाएगा। सरकार अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं पर जीडीपी का 1.5 फीसदी ही खर्च करती थी।

देश भर में आश्वासन और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का खुलासा कियाI कोई अस्पताल किसी भी रोगी को वापिस नहीं भेज सकेगाI कई दवाएं और चिकित्सा परीक्षण मुक्त होंगेI यह एक प्रधान मंत्री पद के तोर पर ली गयी एक ऐतिहासिक और भविष्य को एक सही रह पर ले जाने वाली नीति  हैI

The govt unveils new National Health Policy for assured and affordable health services across the country; No hospital will be able to turn away any patient; Many medicines and medical tests will be free; PM terms policy historic and futuristic.

Keeping in mind the vital needs of enhancing the medical coverage net in India, the union cabinet approved the National Health Policy which proposes to provide assured health services to all in the country. Apart from this crucial decision, Cabinet also cleared a slew of proposals for giving a push to infrastructure development in the states.

भारत में चिकित्सा कवरेज बढ़ाने की महत्वपूर्ण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी, जो कि देश में सभी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के अलावा, मंत्रिमंडल ने राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।

Universal health for all was envisaged in 2015 when a draft was issued by the government. The policy aims at tackling non-communicable diseases, upgrading district health centres and ensuring the improvement of immunisation facilities in district health centre.

जब सरकार द्वारा एक ये विचार जारी किया गया 2015 में, तो ये सभी के लिए चिकित्सा की एक पहल परिकल्पना की लग रही थी। इस नीति का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों से निपटना, जिला स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत करने और जिला स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिरक्षण सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना है।

The government has begun training the personnel that will be deployed in rural areas. The draft also addressed the issues of universal health coverage, reducing maternal and infant mortality rate, as well as making drugs and diagnostics available free at least in the public healthcare system of the country.

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। इस मसौदे में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के मुद्दों, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, साथ ही साथ देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में कम से कम ड्रग्स और निदान उपलब्ध कराने के मुद्दों को भी संबोधित किया गया।

Making a statement in Lok Sabha on the matter, Union Minister for Health and Family Welfare, JP Nadda said that the policy aims to make healthcare available to all without hardships.

इस मामले पर लोकसभा में एक वक्तव्य देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नीति का उद्देश्य सभी को कठिनाइयों के बिना स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।

In order to provide access and financial protection at secondary and tertiary care levels, the policy proposes free drugs, free diagnostics and free emergency care services in all public hospitals.

यह नीति सभी सार्वजनिक अस्पतालों में मुफ्त दवाओं, नि: शुल्क निदान और मुफ्त आपातकालीन देखभाल सेवाओं का प्रस्ताव करती है।

लोकसभा और राज्यसभा में स्वास्थ्य नीति पर सरकार का नजरिया पेश करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि इससे उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी, जिन तक यह ठीक से नहीं पहुंची हैं। स्वास्थ्य नीति में 2025 तक पांच साल से कम उम्र की शिशु मृत्यु दर 23 तक सीमित करने का इरादा है। वहीं 2020 तक प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर शून्य तक पहुंचाने की योजना है।

इस नीति के तहत बीमारियों की रोकथाम के उपायों और हेल्थकेयर को बढ़ावा देने से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। बीमार के उपचार के बजाय स्वस्थ रखने के लिए वेलनेस कार्यक्रमों पर फोकस होगा। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को हासिल करने में लोगों को आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस नीति के तहत जनजाति समुदाय के परंपरागत दवाओं पर शोध होगा और प्रमाणीकरण के बाद देश भर में इनका इस्तेमाल होगा। सरकार सभी के लिए इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड रखने की भी व्यवस्था बनाएगी।

नड्डा ने कहा 2025 तक फर्टिलिटी दर घटा कर 2.1 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। नई नीति में कुष्ठ रोग को 2018 और काला जार को 2017 तक खत्म करने का फैसला किया गया है। नड्डा ने कहा कि नई स्वास्थ्य नीति 15 साल के बाद आ रही है। इसके सामने इस बीच के सामाजिक-आर्थिक, तकनीकी और महामारी परिदृश्य में बदलाव की वजह से आई चुनौतियों का सामना करने की जिम्मेदारी होगी।

मजबूत कदम: 
– सरकारी अस्पतालों में जांच और दवा की मुफ्त व्यवस्था
– प्रति 1000 की आबादी पर अस्पतालों में दो बिस्तर
– औसत उम्र 67.5 से बढ़ा कर 70 साल तक करने का लक्ष्य
– स्वास्थ्य सुविधाओं पर जीडीपी का 2.5 फीसदी खर्च होगा
– उपचार के बजाय स्वस्थ रखने और वेलनेस कार्यक्रम पर जोर
– जनजाति समुदाय के परंपरागत दवाओं पर शोध और इस्तेमाल
– सभी के लिए इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड रखने की व्यवस्था

 

Background:

The National Health Policy, 2017 adopted an elaborate procedure for its formulation involving stakeholder consultations. Accordingly, the Government of India formulated the Draft National Health Policy and placed it in public domain on 30th December, 2014. Thereafter following detailed consultations with the stakeholders and State Governments, based on the suggestions received, the Draft National Health Policy was further fine-tuned. It received the endorsement of the Central Council for Health & Family Welfare, the apex policy making body, in its Twelfth Conference held on 27th February, 2016.

The last health policy was formulated in 2002. The socio economic and epidemiological changes since then necessitated the formulation of a New National Health Policy to address the current and emerging challenges.

 

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